आरव मल्होत्रा – 29 साल का एक बेहद स्मार्ट, शांत लेकिन अंदर से टूटा हुआ साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट, जो लोगों के राज़ बचाने का काम करता है लेकिन खुद अपने अतीत से भाग रहा है।
कियारा सहगल – 26 साल की खूबसूरत, रहस्यमयी और इमोशनली कॉम्प्लेक्स लड़की, जो बाहर से बहुत कॉन्फिडेंट दिखती है लेकिन उसके अंदर कई ऐसे राज़ दबे हैं जिनके बारे में कोई नहीं जानता।
विवान सहगल – कियारा का बड़ा भाई, एक बिज़नेसमैन जिसकी पर्सनैलिटी जितनी सभ्य दिखती है, असलियत उतनी ही खतरनाक है।
समीरा मल्होत्रा – आरव की छोटी बहन, जो अपने भाई से बेहद प्यार करती है और हमेशा महसूस करती है कि आरव किसी बहुत बड़े डर में जी रहा है।
डीसीपी कबीर राठौड़ – क्राइम ब्रांच ऑफिसर, जो कई महीनों से एक ऐसी सीरियल ब्लैकमेलिंग गैंग के पीछे पड़ा है जिसका कोई चेहरा नहीं है।
भाग – 1
मुंबई की बारिश हमेशा लोगों को रोमांटिक लगती थी, लेकिन उस रात वही बारिश आरव मल्होत्रा की जिंदगी का सबसे डरावना चैप्टर लिखने वाली थी।
सी-लिंक के पास अपनी कार रोककर जब उसने फोन स्क्रीन पर आए अनजान मैसेज को पढ़ा, तो उसकी आंखों के सामने कुछ सेकंड के लिए सब धुंधला पड़ गया क्योंकि उस मैसेज में सिर्फ तीन शब्द लिखे थे — “मैं वापस आ गई…”
आरव की उंगलियां स्टीयरिंग पर धीरे-धीरे कांपने लगीं क्योंकि ये वही लाइन थी जो तीन साल पहले आखिरी बार उसे सुनाई दी थी।
उस रात भी बारिश हो रही थी, वही अंधेरा था, वही डर था और उसी रात एक लड़की उसकी जिंदगी से अचानक गायब हो गई थी जैसे वो कभी थी ही नहीं।
उसने तुरंत नंबर ट्रेस करने की कोशिश की लेकिन नंबर किसी फेक सर्वर से ऑपरेट हो रहा था।
आरव प्रोफेशनली साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट था, बड़े-बड़े नेताओं और बिज़नेसमैन के डेटा सुरक्षित रखता था, लेकिन पहली बार उसे ऐसा महसूस हो रहा था जैसे कोई उससे कई कदम आगे चल रहा हो।
घर पहुंचते ही उसकी छोटी बहन समीरा ने नोटिस कर लिया कि उसके चेहरे का रंग उड़ा हुआ है।
वो मजाकिया अंदाज़ में बोली कि आखिर कौन सी लड़की है जो उसके जैसे शांत आदमी को भी डरा सकती है, लेकिन आरव बिना जवाब दिए सीधे अपने कमरे में चला गया क्योंकि वो जानता था कि ये कोई मजाक नहीं था।
उस रात उसने अपनी पुरानी लॉक्ड ड्रॉअर खोली जिसमें एक फोटो आज भी संभालकर रखी हुई थी।
फोटो में एक लड़की हंस रही थी, उसके बाल बारिश से भीगे हुए थे और उसकी आंखों में ऐसा प्यार था जो किसी को भी अपना बना ले, लेकिन उसी फोटो के पीछे लाल मार्कर से एक लाइन लिखी थी — “अगर मैं गायब हो जाऊं तो मुझे ढूंढना मत…”
अचानक कमरे की लाइट चली गई और पूरा घर अंधेरे में डूब गया।
समीरा नीचे से आवाज़ लगा रही थी लेकिन आरव का ध्यान उस लैपटॉप स्क्रीन पर था जो बिना बिजली के अचानक ऑन हो चुकी थी और स्क्रीन पर सिर्फ एक लाइव वीडियो चल रहा था।
वीडियो में एक लड़की कुर्सी पर बैठी थी, उसके हाथ बंधे हुए थे और चेहरा अंधेरे में छिपा हुआ था।
फिर कैमरा धीरे-धीरे करीब आया और जैसे ही चेहरे पर रोशनी पड़ी, आरव की सांसें रुक गईं क्योंकि वो कियारा थी… वही लड़की जो तीन साल पहले अचानक गायब हो गई थी।
वीडियो में कियारा डरी हुई आवाज़ में सिर्फ इतना बोली — “आरव… इस बार अगर तुम मुझे नहीं बचा पाए, तो बहुत लोग मर जाएंगे…”
वीडियो अचानक बंद हो गया और अगले ही सेकंड स्क्रीन पर एक एड्रेस फ्लैश हुआ — “होटल एलिसियम, रूम 309।”
आरव बिना देर किए वहां पहुंच गया लेकिन होटल के रिसेप्शन पर उसे पता चला कि रूम 309 पिछले छह महीनों से बंद पड़ा है।
फिर भी जब वो तीसरी मंज़िल पर पहुंचा, तो उसे कॉरिडोर के आखिर में वही कमरा आधा खुला हुआ दिखाई दिया और अंदर हल्की पीली रोशनी जल रही थी।
कमरे के अंदर कदम रखते ही उसकी धड़कनें तेज हो गईं क्योंकि पूरा कमरा पुरानी तस्वीरों से भरा हुआ था।
दीवारों पर उसकी खुद की फोटो लगी थी, उसकी कॉल हिस्ट्री के प्रिंटआउट लगे थे और यहां तक कि उसकी बहन समीरा की तस्वीरें भी थीं, जैसे कोई महीनों से उसकी जिंदगी को चुपचाप देख रहा हो।
तभी पीछे से दरवाजा बंद हुआ और कमरे में एक लड़की की आवाज़ गूंजी — “तुम अब भी देर से आते हो…”
आरव पलटा और सामने कियारा खड़ी थी, बिल्कुल जिंदा, बिल्कुल वैसी ही खूबसूरत, लेकिन उसकी आंखों में अब वो मासूमियत नहीं थी जो पहले हुआ करती थी।
कुछ सेकंड तक दोनों सिर्फ एक-दूसरे को देखते रहे क्योंकि तीन साल का दर्द, प्यार और गुस्सा उनकी आंखों में एक साथ तैर रहा था।
आरव उसके पास बढ़ा लेकिन कियारा अचानक पीछे हट गई जैसे उसे छूने से भी डर लग रहा हो।
कियारा ने कांपती आवाज़ में कहा कि अगर आरव सच में उससे प्यार करता है तो उसे आज रात के बाद कभी ढूंढने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
लेकिन आरव अब वही इंसान नहीं था जो तीन साल पहले हर बात पर भरोसा कर लेता था, इसलिए उसने उसका हाथ पकड़कर पूछा कि आखिर वो किससे भाग रही है।
कियारा जवाब देती उससे पहले कमरे की खिड़की के बाहर अचानक गोली चली और शीशा टूट गया।
आरव तुरंत कियारा को नीचे झुकाकर दीवार के पीछे ले गया क्योंकि सामने वाली बिल्डिंग की छत पर कोई स्नाइपर मौजूद था।
पूरा कमरा डर और चीखों से भर चुका था लेकिन उस अराजकता में भी आरव को सिर्फ एक बात समझ आ रही थी कि कियारा सच में खतरे में है।
वो दोनों पीछे के दरवाजे से भागे और होटल की अंधेरी सीढ़ियों से नीचे उतरने लगे, लेकिन तभी तीसरी मंज़िल के कॉरिडोर में किसी आदमी की भारी आवाज़ गूंजी — “इस बार दोनों जिंदा नहीं निकलने चाहिए…”
आरव कियारा को लेकर बेसमेंट तक पहुंचा जहां कई पुरानी गाड़ियां खड़ी थीं।
कियारा लगातार कांप रही थी और पहली बार उसकी आंखों से आंसू निकले क्योंकि शायद वो महीनों से अकेले डर झेलते-झेलते टूट चुकी थी।
कार स्टार्ट करते वक्त आरव ने देखा कि कियारा के हाथ पर गहरा कट लगा हुआ था।
जब उसने उसका हाथ पकड़कर पूछा कि ये किसने किया, तो कियारा अचानक रो पड़ी और बोली कि कुछ लोग सिर्फ लोगों को मारते नहीं, पहले उनकी जिंदगी छीन लेते हैं।
मुंबई की सड़कों पर तेज बारिश के बीच कार भाग रही थी और पीछे दो ब्लैक SUV लगातार उनका पीछा कर रही थीं।
आरव ने कई शार्प टर्न लिए लेकिन पीछा करने वाली गाड़ियां किसी प्रोफेशनल टीम की तरह हर मूव पहले से समझ रही थीं।
कियारा ने अचानक ग्लव बॉक्स खोला और अंदर से एक पिस्टल निकाल ली।
आरव हैरान रह गया क्योंकि वो कभी हथियारों से डरने वाली लड़की थी, लेकिन अब उसकी आंखों में ऐसा अंधेरा था जैसे वो कई मौतें देख चुकी हो।
कुछ देर बाद वो दोनों शहर के बाहर एक पुराने बंगले में पहुंचे जो आरव के दोस्त का खाली फार्महाउस था।
जैसे ही अंदर पहुंचे, कियारा सीधे फर्श पर बैठ गई और पहली बार उसने आरव को गले लगाकर जोर से रोना शुरू कर दिया।
उसके आंसुओं में डर कम और पछतावा ज्यादा था।
वो बार-बार सिर्फ यही कह रही थी कि उसे तीन साल पहले वापस आना चाहिए था, लेकिन अगर वो लौटती तो शायद आरव आज जिंदा नहीं होता।
आरव ने धीरे से उसका चेहरा उठाया और पूछा कि आखिर सच क्या है।
कुछ सेकंड तक कियारा चुप रही, फिर उसने अपने बैग से एक छोटी हार्ड ड्राइव निकाली और कहा कि पिछले तीन सालों में कई बड़े नेताओं, बिज़नेसमैन और पुलिस ऑफिसर्स की जिंदगी इस एक चीज़ की वजह से खत्म हुई है।
आरव ने जैसे ही हार्ड ड्राइव लैपटॉप में लगाई, उसकी आंखें फैल गईं।
उस ड्राइव में सैकड़ों लोगों के प्राइवेट वीडियो, बैंक ट्रांजैक्शन, सीक्रेट रिकॉर्डिंग्स और कई हाई-प्रोफाइल मर्डर्स के प्रूफ मौजूद थे।
लेकिन सबसे बड़ा झटका तब लगा जब एक फोल्डर में आरव के पिता की तस्वीर दिखाई दी।
उसके पिता की मौत पांच साल पहले हार्ट अटैक बताई गई थी, लेकिन उस वीडियो में साफ दिख रहा था कि उन्हें जहर दिया गया था।
आरव की सांसें भारी होने लगीं क्योंकि वो पहली बार समझ पा रहा था कि उसका परिवार भी इस खेल का हिस्सा था।
कियारा ने धीरे से कहा कि उसके भाई विवान सहगल का नाम इस पूरे नेटवर्क के पीछे है और यही वजह थी कि उसे तीन साल पहले गायब होना पड़ा।
आरव को यकीन नहीं हुआ क्योंकि विवान बाहर से एक सम्मानित बिज़नेसमैन था।
लेकिन तभी कियारा ने अपना फोन खोला और एक वीडियो चलाया जिसमें विवान किसी आदमी को गोली मारते हुए साफ दिखाई दे रहा था।
कमरे में कुछ सेकंड तक डरावनी खामोशी छाई रही।
फिर अचानक बाहर किसी गाड़ी के रुकने की आवाज़ आई और आरव खिड़की की तरफ दौड़ा क्योंकि फार्महाउस के बाहर कई काली गाड़ियां आकर रुक चुकी थीं।
कियारा का चेहरा एकदम सफेद पड़ गया क्योंकि वो जानती थी कि उन्हें ढूंढ लिया गया है।
उसने तुरंत आरव का हाथ पकड़ा और कहा कि अगर आज वो दोनों बच गए, तभी शायद कल की सुबह देख पाएंगे।
बाहर भारी कदमों की आवाज़ें गूंज रही थीं और धीरे-धीरे पूरा फार्महाउस चारों तरफ से घिर चुका था।
तभी मुख्य दरवाजे के बाहर किसी ने जोर से कहा — “कियारा… तुम्हें घर वापस चलना चाहिए था, लेकिन अब बहुत देर हो चुकी है…”
वो आवाज़ विवान सहगल की थी।
और उसी पल आरव को महसूस हुआ कि असली खेल अभी शुरू हुआ है…
भाग – 2 आरव
फार्महाउस के बाहर लगातार बारिश हो रही थी और हर बिजली की चमक के साथ काली SUV गाड़ियों के शीशों पर पड़ती सफेद रोशनी माहौल को और डरावना बना रही थी।
आरव खिड़की के पीछे खड़ा विवान के आदमियों की मूवमेंट देख रहा था, जबकि उसके अंदर एक ही सवाल बार-बार घूम रहा था कि आखिर कोई भाई अपनी ही बहन को इस तरह मरवाने पर क्यों उतर आएगा।
कियारा की सांसें तेजी से चल रही थीं लेकिन इस बार उसके चेहरे पर डर से ज्यादा थकान दिखाई दे रही थी।
जैसे कोई इंसान बहुत लंबे समय तक भागते-भागते अब इतना टूट चुका हो कि उसे मौत भी आराम जैसी लगने लगे।
आरव ने धीरे से उसका हाथ पकड़ा और कहा कि इस बार वो उसे अकेला नहीं छोड़ने वाला।
कियारा ने उसकी तरफ देखा, उसकी आंखों में हल्की नमी थी, क्योंकि शायद तीन साल बाद पहली बार किसी ने उसे बचाने का वादा नहीं बल्कि साथ निभाने का भरोसा दिया था।
तभी बाहर से गोली चलने की आवाज़ आई और फार्महाउस की खिड़कियों के शीशे टूटकर अंदर बिखर गए।
आरव तुरंत कियारा को नीचे झुकाकर पीछे के कमरे में ले गया क्योंकि उसे समझ आ चुका था कि विवान अब बातचीत नहीं, सिर्फ अंत चाहता है।
विवान की आवाज़ बाहर स्पीकर पर गूंजी कि अगर कियारा हार्ड ड्राइव वापस दे दे तो शायद वो आरव को जिंदा छोड़ देगा।
लेकिन कियारा जानती थी कि उसका भाई कभी किसी गवाह को जिंदा नहीं छोड़ता, चाहे वो अपना खून ही क्यों ना हो।
आरव ने जल्दी से लैपटॉप खोला और हार्ड ड्राइव का डेटा ऑनलाइन सर्वर पर अपलोड करने की कोशिश शुरू कर दी।
उसकी उंगलियां इतनी तेजी से कीबोर्ड पर चल रही थीं जैसे हर सेकंड किसी की जिंदगी बचा सकता हो, क्योंकि अगर ये डेटा बाहर चला गया तो कई बड़े चेहरे बेनकाब हो सकते थे।
अचानक पीछे की दीवार पर गोलियों की बौछार हुई और लकड़ी के टुकड़े पूरे कमरे में उड़ने लगे।
आरव और कियारा फर्श पर गिर पड़े लेकिन उसी दौरान कियारा के कंधे में गोली लग गई और उसकी दर्द भरी चीख पूरे कमरे में गूंज उठी।
आरव का चेहरा गुस्से से भर गया क्योंकि अब ये लड़ाई सिर्फ सच की नहीं रही थी।
अब मामला उस लड़की की जिंदगी का था जिसे वो तीन साल बाद दोबारा खोने से डर रहा था।
उसने कियारा के जख्म पर कपड़ा बांधा और पहली बार उसके माथे को चूमते हुए कहा कि वो उसे कुछ नहीं होने देगा।
कियारा की आंखें भर आईं क्योंकि मौत के इतने करीब खड़े होकर भी उसे पहली बार जिंदगी खूबसूरत लग रही थी।
दोनों पीछे बने पुराने स्टोर रूम से होते हुए बेसमेंट में पहुंचे जहां एक सीक्रेट रास्ता बाहर जंगल की तरफ जाता था।
लेकिन जैसे ही वो दरवाजा खोलने वाले थे, अंधेरे में किसी ने ताली बजाई और धीरे-धीरे विवान सामने आ गया।
उसके चेहरे पर हल्की मुस्कान थी लेकिन आंखों में ऐसा पागलपन था जो किसी इंसान को इंसान नहीं रहने देता।
उसने बहुत शांत आवाज़ में कहा कि उसे हमेशा पता था कि कियारा एक दिन उसके खिलाफ जरूर जाएगी क्योंकि प्यार इंसान को कमजोर बना देता है।
आरव ने गुस्से में विवान पर हमला किया लेकिन विवान के आदमियों ने तुरंत उसे पकड़ लिया।
कियारा चीखती रही, हाथ जोड़ती रही, लेकिन विवान के चेहरे पर कोई भावना नहीं थी जैसे उसके अंदर का भाई बहुत पहले मर चुका हो।
विवान धीरे-धीरे आरव के करीब आया और बोला कि उसके पिता की मौत कोई हादसा नहीं थी।
उसने बताया कि आरव के पिता उस ब्लैकमेलिंग नेटवर्क के खिलाफ सबूत जुटा रहे थे और इसी वजह से उन्हें रास्ते से हटाना पड़ा।
ये सुनते ही आरव की आंखों में खून उतर आया।
उसे ऐसा महसूस हुआ जैसे उसके अंदर सालों से दबा दर्द अचानक आग बनकर बाहर निकल आया हो।
कियारा लगातार रो रही थी क्योंकि उसे समझ आ चुका था कि अब विवान आरव को जिंदा नहीं छोड़ेगा।
लेकिन तभी अचानक ऊपर से पुलिस सायरन की आवाज़ गूंजने लगी और बाहर भगदड़ मच गई।
डीसीपी कबीर राठौड़ अपनी टीम के साथ फार्महाउस पर पहुंच चुका था।
असल में आरव ने डेटा अपलोड करते समय लोकेशन ट्रेस होने का रिस्क जानबूझकर लिया था ताकि पुलिस यहां तक पहुंच सके।
पूरा फार्महाउस गोलियों की आवाज़ से कांप उठा।
विवान के आदमी पुलिस पर फायरिंग कर रहे थे और उसी अफरा-तफरी में आरव ने खुद को छुड़ाकर विवान पर हमला कर दिया।
दोनों जमीन पर गिर पड़े और बेसमेंट में भयंकर हाथापाई शुरू हो गई।
विवान बेहद ट्रेनड था लेकिन आरव के अंदर उस समय सिर्फ गुस्सा नहीं, अपने परिवार का बदला भी था।
उधर कियारा घायल हालत में दीवार का सहारा लेकर खड़ी थी और उसकी आंखों के सामने दो सबसे जरूरी लोग एक-दूसरे को खत्म करने पर उतारू थे।
उसका दिल चाहता था कि ये सब रुक जाए, लेकिन वो जानती थी कि अब इस कहानी का अंत बिना किसी मौत के नहीं होगा।
लड़ाई के दौरान विवान ने चाकू निकाल लिया और आरव के पेट में मारने की कोशिश की।
लेकिन उसी पल कियारा उनके बीच आ गई और चाकू उसके सीने में धंस गया।
पूरा बेसमेंट कुछ सेकंड के लिए शांत हो गया।
आरव की आंखें फैल गईं, उसके हाथ कांपने लगे और कियारा धीरे-धीरे जमीन पर गिरने लगी।
विवान भी कुछ पल के लिए डर गया क्योंकि शायद उसने कभी नहीं सोचा था कि उसकी बहन अपने प्यार के लिए अपनी जान दे देगी।
लेकिन अगले ही सेकंड आरव ने पागलों की तरह विवान पर हमला कर दिया और उसे दीवार से दे मारा।
पुलिस अंदर घुस चुकी थी और कबीर ने विवान को गिरफ्तार कर लिया।
लेकिन उस समय आरव को ना पुलिस दिखाई दे रही थी, ना बदला… उसे सिर्फ कियारा दिखाई दे रही थी जो उसकी गोद में धीरे-धीरे सांस खो रही थी।
कियारा ने कांपते हाथों से आरव का चेहरा छुआ और हल्की मुस्कान के साथ कहा कि शायद उनकी कहानी कभी सामान्य नहीं हो सकती थी।
उसकी आंखों में दर्द था लेकिन उसी दर्द में एक अजीब सुकून भी था क्योंकि आखिरकार वो उस इंसान की बाहों में थी जिससे वो सबसे ज्यादा प्यार करती थी।
आरव लगातार रो रहा था और बार-बार कह रहा था कि वो उसे कुछ नहीं होने देगा।
लेकिन कियारा जानती थी कि कुछ कहानियों का अंत खुशियों से नहीं, यादों से होता है।
उसने आखिरी बार आरव को देखा और बहुत धीमी आवाज़ में कहा — “अगर अगला जन्म हुआ… तो इस बार मुझे ढूंढ लेना…”
और अगले ही पल उसका हाथ धीरे-धीरे जमीन पर गिर गया।
आरव पूरी रात अस्पताल के बाहर बैठा रहा क्योंकि अंदर डॉक्टर कियारा की जान बचाने की कोशिश कर रहे थे।
सुबह होने तक बारिश रुक चुकी थी लेकिन उसके अंदर का तूफान अभी भी खत्म नहीं हुआ था।
करीब पांच बजे ऑपरेशन थिएटर का दरवाजा खुला और डॉक्टर बाहर आए।
कुछ सेकंड तक उनकी खामोशी ने आरव की सांसें रोक दीं, लेकिन फिर डॉक्टर हल्का सा मुस्कुराए और बोले कि कियारा खतरे से बाहर है।
आरव की आंखों से आंसू निकल पड़े क्योंकि उसे लगा था कि वो उसे हमेशा के लिए खो चुका है।
वो भागते हुए ICU में पहुंचा जहां कियारा मशीनों के बीच लेटी हुई थी लेकिन इस बार उसकी सांसें चल रही थीं।
कियारा ने धीरे-धीरे आंखें खोलीं और कमजोर मुस्कान के साथ कहा कि वो मरना नहीं चाहती थी।
आरव हंसते-हंसते रो पड़ा क्योंकि इतने दर्द, धोखे और मौत के बाद भी उनका प्यार जिंदा था।
तीन महीने बाद…
मुंबई की वही बारिश फिर शहर पर गिर रही थी लेकिन इस बार माहौल अलग था।
आरव और कियारा समुद्र किनारे खड़े थे, बिना किसी डर के, बिना किसी पीछा करने वाली गाड़ियों के, बिना किसी राज़ के।
विवान और उसके पूरे नेटवर्क को उम्रकैद हो चुकी थी।
कई बड़े नाम बेनकाब हुए, कई नकली चेहरे गिर गए और पहली बार कियारा ने बिना डर के खुलकर सांस ली।
आरव ने पीछे से आकर उसे बाहों में भर लिया और पूछा कि अगर वो उस रात होटल नहीं आता तो क्या होता।
कियारा हल्का सा मुस्कुराई और बोली कि शायद वो मर जाती… लेकिन उससे पहले भी वो जिंदा कहां थी।
समुद्र की लहरें उनके पैरों से टकरा रही थीं और आसमान में धीरे-धीरे सूरज निकल रहा था।
कभी-कभी सबसे खतरनाक कहानियां ही सबसे गहरा प्यार छोड़ जाती हैं… और शायद यही उनकी कहानी थी।
समाप्त





